देश से खत्म होगा 'कोचिंग कल्चर'? केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी

देश से खत्म होगा 'कोचिंग कल्चर'? केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी!

देश से खत्म होगा 'कोचिंग कल्चर'? केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी

दिल्ली, केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय एजुकेशन कमेटी (विनीत जोशी कमेटी) ने देश की शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए अहम सुझाव दिए हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य छात्रों पर से कोचिंग के बोझ को कम करना और स्कूलों को ही तैयारी का मुख्य केंद्र बनाना है।

*मुख्य सुझाव और बड़े बदलाव:

स्कूलों में ही JEE-NEET की तैयारी: अब स्कूलों के सिलेबस को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ 'सिंक' हो सके। छात्रों को अलग से कोचिंग जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बोर्ड परीक्षा को ज्यादा वेटेज: कॉलेज एडमिशन में बोर्ड परीक्षाओं के अंकों को अधिक महत्व देने का प्रस्ताव है, ताकि छात्र स्कूलों में गंभीरता से पढ़ाई करें।

11वीं में भी हो सकती हैं परीक्षाएं: कमेटी 11वीं कक्षा में ही कुछ प्रतियोगी टेस्ट आयोजित करने की संभावना तलाश रही है, ताकि अंत समय का दबाव कम हो।

डमी स्कूलों पर स्ट्राइक: 'डमी स्कूल' कल्चर को खत्म करने के लिए कड़े नियम बनाने और स्कूलों में नियमित हाजिरी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

* छात्रों के लिए क्या बदलेगा?

कम होगा मानसिक तनाव: कोचिंग की भागदौड़ से राहत मिलेगी और सेल्फ-स्टडी के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

NCERT ही बनेगा आधार: NCERT को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा ताकि स्कूल और एंट्रेंस एग्जाम का सिलेबस एक जैसा हो।

मेंटरशिप प्रोग्राम: स्कूलों के अंदर ही 'रेमेडियल क्लासेस' और 'मेंटरिंग प्रोग्राम' शुरू करने का सुझाव है, जहां IIT/NIT के पूर्व छात्र बच्चों का मार्गदर्शन कर सकें।

विशेषज्ञों का मानना है: अगर ये सुझाव लागू होते हैं, तो शिक्षा का बाजारीकरण रुकेगा और गांव-कस्बों के उन प्रतिभावान बच्चों को भी बराबरी का मौका मिलेगा जो महंगी कोचिंग की फीस नहीं भर सकते।