यूपी बजट 2026-27: योगी सरकार का ऐतिहासिक दांव
पेश किया ₹9.12 लाख करोड़ का सबसे बड़ा बजट; युवा, किसान और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत इस बजट का कुल आकार ₹9,12,696.35 करोड़ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.9% अधिक है। "नवनिर्माण के 9 वर्ष" की थीम पर आधारित इस बजट में विकास की गति को तेज करने और यूपी को 'वन ट्रिलियन इकोनॉमी' बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए हैं।
बजट के मुख्य आंकड़े
कुल आकार: ₹9,12,696.35 करोड़
नई योजनाएं: ₹43,565 करोड़ की नई परियोजनाओं की घोषणा।
जीएसडीपी (GSDP) वृद्धि: 13.4% का अनुमान।
बेरोजगारी दर: सरकार का दावा, प्रदेश में बेरोजगारी दर घटकर 2.24% रह गई है।
किसानों के लिए बड़ी सौगात
सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। इससे प्रदेश के लाखों किसानों को करीब ₹3000 करोड़ का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। साथ ही, मुफ्त बिजली और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी बजट आवंटित किया गया है।
युवाओं और रोजगार पर जोर
10 लाख रोजगार: निवेश के माध्यम से प्रदेश में 10 लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य।
फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन: युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के लिए ₹2374 करोड़ का प्रावधान।
मेधावी छात्राओं को स्कूटी: छात्राओं के लिए स्कूटी योजना हेतु ₹400 करोड़ आवंटित।
टेक युवा समर्थ योजना: युवाओं के कौशल विकास के लिए नई तकनीकी योजना की शुरुआत।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक पर्यटन
नए शहर: प्रदेश में आधुनिक सुविधाओं वाले नए शहर और टाउनशिप बसाने के लिए ₹3500 करोड़ की व्यवस्था।
अयोध्या व वाराणसी: अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए ₹100 करोड़ और सांस्कृतिक स्थलों जैसे सारनाथ व हस्तिनापुर के विकास पर जोर।
कनेक्टिविटी: जेवर एयरपोर्ट पर 5 स्ट्रिप के विकास और सड़क चौड़ीकरण के लिए ₹3700 करोड़ का प्रावधान।
महिला सशक्तिकरण
कन्या सुमंगला योजना: गरीब बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर ₹1 लाख करने का प्रस्ताव।
महिला उद्यमी योजना: स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की मार्केटिंग के लिए विशेष योजना।
मुख्यमंत्री का बयान:
बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "यह बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की आधारशिला है। हमने समाज के हर वर्ग—किसान, युवा, महिला और गरीब—का ध्यान रखा है। यह बजट यूपी को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।"
विशेषज्ञ विचार
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बजट न केवल विकासोन्मुख है बल्कि वित्तीय अनुशासन (राजकोषीय घाटा GSDP का 3%) को भी बनाए रखता है। चुनाव से पहले के इस बड़े बजट के जरिए सरकार ने हर तबके को साधने की कोशिश की है।