कुशीनगर से फिर भरेगी उड़ान: 15 फरवरी से दिल्ली, वाराणसी और बैंकॉक के लिए सीधी सेवा शुरू होने के आसार

लंबे समय से सूने पड़े कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक बार फिर व्यावसायिक उड़ानों का शोर सुनाई देने वाला है।

कुशीनगर से फिर भरेगी उड़ान: 15 फरवरी से दिल्ली, वाराणसी और बैंकॉक के लिए सीधी सेवा शुरू होने के आसार

कुशीनगर | ब्यूरो रिपोर्ट भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली, कुशीनगर के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से सूने पड़े कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक बार फिर व्यावसायिक उड़ानों का शोर सुनाई देने वाला है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरलाइंस के सूत्रों के अनुसार, 15 फरवरी 2026 से यहाँ से दिल्ली, वाराणसी और बैंकॉक (थाईलैंड) के लिए नई उड़ानें शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस संभालेगी कमान

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया एक्सप्रेस इस रूट पर अपना परिचालन शुरू कर सकती है। प्रस्तावित शेड्यूल के तहत विमान पहले दिल्ली से कुशीनगर पहुंचेगा, जहाँ से वह वाराणसी होते हुए बैंकॉक के लिए उड़ान भरेगा। वापसी में भी इसी मार्ग का अनुसरण किया जाएगा। इस सेवा के शुरू होने से न केवल घरेलू यात्रियों को दिल्ली जाने की सुविधा मिलेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटकों के लिए 'बुद्धिस्ट सर्किट' का सफर भी आसान हो जाएगा।

तकनीकी बाधाएं हुईं दूर

पिछले दो वर्षों से यहाँ नियमित उड़ानों का अभाव था। इसके पीछे मुख्य कारण ILS (Instrument Landing System) के लिए जरूरी जमीन की उपलब्धता न होना और उड़ानों की कम संख्या थी।

लो-विजिबिलिटी समाधान: अब एयरपोर्ट पर लैंडिंग की आधुनिक तकनीकों को दुरुस्त कर लिया गया है, जिससे खराब मौसम में भी विमान सुरक्षित उतर सकेंगे।

बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा: बैंकॉक से सीधी कनेक्टिविटी होने से थाईलैंड, वियतनाम और अन्य दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है।

चुनावी आहट और विकास की राजनीति

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बढ़ती सरगर्मी के बीच, इस एयरपोर्ट को फिर से सक्रिय करने को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यह सेवा चुनावी है या नहीं, यह अलग विषय है, लेकिन इससे क्षेत्र के विकास और रोजगार को नई संजीवनी मिलेगी। हालांकि, विपक्षी खेमा इसे चुनावों से पहले की "ब्रांडिंग" करार दे रहा है।

"कुशीनगर एयरपोर्ट को ग्लोबल हब बनाना सरकार की प्राथमिकता है। बैंकॉक और दिल्ली जैसे शहरों से जुड़ने के बाद यहाँ का पर्यटन उद्योग नई ऊंचाइयों को छुएगा।