कुशीनगर: फाजिलनगर को मिली नई पहचान, अब 'पावागढ़' के नाम से जाना जाएगा क्षेत्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा ऐलान करते हुए स्पष्ट किया है कि अब इस क्षेत्र को 'फाजिलनगर' के स्थान पर 'पावागढ़' के नाम से जाना जाएगा।

Jun 2, 2026 - 18:45
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कुशीनगर: फाजिलनगर को मिली नई पहचान, अब 'पावागढ़' के नाम से जाना जाएगा क्षेत्र

कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र को जल्द ही एक नई और ऐतिहासिक पहचान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा ऐलान करते हुए स्पष्ट किया है कि अब इस क्षेत्र को 'फाजिलनगर' के स्थान पर 'पावागढ़' के नाम से जाना जाएगा।

'क्यों हम फ़ाज़िल कहें...'

जनपद कुशीनगर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "अब यह फाजिलनगर नहीं कहा जाएगा, बल्कि पावागढ़ के रूप में हम इसे मान्यता देने जा रहे हैं। भगवान महावीर के नाम से इसका नाम होगा, क्यों हम फ़ाज़िल कहेंगे..." मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद क्षेत्र के निवासियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

जन प्रतिनिधियों ने किया भव्य स्वागत

इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर गोरखपुर सांसद रवि किशन, देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, कुशीनगर सांसद विजय दुबे, तमकुहींराज के विधायक असीम राय, फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र कुशवाहा और रामकोला विधायक विनय गोंड ने मंच पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया और क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

इस नाम परिवर्तन के पीछे मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के प्राचीन और गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करना है। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की निर्वाण स्थली से जुड़ी मान्यताओं के कारण इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। स्थानीय स्तर पर इसे 'पावागढ़' के रूप में भी जाना जाता है। सरकार के इस कदम से अब यह क्षेत्र न केवल एक नया नाम प्राप्त करेगा, बल्कि भगवान महावीर की विरासत के साथ जुड़कर पर्यटन और सांस्कृतिक मानचित्र पर भी एक नई पहचान स्थापित करेगा।

₹424 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

नाम बदलने के इस महत्वपूर्ण ऐलान के साथ ही, मुख्यमंत्री ने जनपद को विकास की कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने कुशीनगर में ₹424 करोड़ से अधिक की लागत वाली 278 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, स्वीकृति-पत्र और चेक भी वितरित किए गए।

'नया उत्तर प्रदेश' विकास के पथ पर अग्रसर

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शक्ति पर जोर दिया। उन्होंने कहा:

"प्रदेश का नौजवान ऊर्जावान है और राष्ट्रभक्त है। हमारी माताएं-बहनें पूरे समर्पण के साथ भारत की विरासत का संरक्षण करते हुए पीढ़ियों को संस्कारित करती हैं। युवा सामर्थ्य और महिला सशक्तीकरण के बल पर 'नया उत्तर प्रदेश' विकास, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित कर रहा है।"

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और आम जनमानस उपस्थित रहे।