बीजेपी का पहला 'सम्राट'- सम्राट चौधरी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

यह पहली बार है जब बिहार में भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हुआ है।

Apr 16, 2026 - 08:38
Apr 16, 2026 - 08:41
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बीजेपी का पहला 'सम्राट'- सम्राट चौधरी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

पटना | 15 अप्रैल, 2026

बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। राजधानी पटना के लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें शपथ दिलाई।

यह पहली बार है जब बिहार में भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हुआ है। दशकों तक गठबंधन की राजनीति और नीतीश कुमार के नेतृत्व के बाद, अब बिहार की कमान सीधे तौर पर बीजेपी के हाथ में आ गई है।

डिप्टी सीएम के रूप में जेडीयू का साथ

सम्राट चौधरी के साथ ही राज्य मंत्रिमंडल का भी विस्तार शुरू हो गया है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। सूत्रों के अनुसार, ये दोनों नेता नई सरकार में उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) की भूमिका निभाएंगे, जो एनडीए गठबंधन में शक्ति संतुलन को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए सम्राट चौधरी को बधाई दी। उन्होंने कहा:

"सम्राट चौधरी जी की ऊर्जा, जनसेवा के प्रति उनका समर्पण और जमीनी अनुभव बिहार के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।"

नीतीश युग का अंत और नई चुनौतियां

लगभग दो दशक तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना प्रदेश की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी ने पटना के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में दर्शन किए।

समारोह की मुख्य झलकियां:

नारेबाजी: शपथ ग्रहण के दौरान "बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, सम्राट चौधरी जैसा हो" के नारों से पूरा हॉल गूंज उठा।

उपस्थिति: समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, और बीजेपी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

प्राथमिकता: मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी सीधे सचिवालय पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।

बिहार की जनता अब इस नए "सम्राट" से सुशासन, पारदर्शिता और तेज विकास की उम्मीद कर रही है।