कुशीनगर DM का 'हंटर', अवैध स्कूलों और भारी फीस पर लगेगा लगाम!
डीएम के कड़े निर्देशों के बाद अब शिक्षा विभाग 'फुल एक्शन मोड' में नजर आ रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में शिक्षा के नाम पर होने वाली "मनमानी" अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुशीनगर | जनपद की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और अभिभावकों को शोषण से बचाने के लिए जिलाधिकारी (DM) कुशीनगर ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। डीएम के कड़े निर्देशों के बाद अब शिक्षा विभाग 'फुल एक्शन मोड' में नजर आ रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में शिक्षा के नाम पर होने वाली "मनमानी" अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संयुक्त टीम करेगी छापेमारी, अवैध स्कूल होंगे सील
प्रशासन ने उन स्कूलों को अपने रडार पर लिया है जो बिना वैध मान्यता के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। जिलाधिकारी के आदेशानुसार अब SDM, पुलिस और शिक्षा विभाग की एक संयुक्त टीम गठित की गई है। यह टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक छापेमारी करेगी। जांच के दौरान बिना मान्यता पाए गए स्कूलों को न केवल तुरंत सील किया जाएगा, बल्कि उनके संचालकों पर कठोर कानूनी शिकंजा भी कसा जाएगा।
महंगी किताबों और अवैध वसूली पर कड़ाई
अक्सर देखा गया है कि निजी स्कूल कमीशन के चक्कर में बच्चों पर NCERT/SCERT के बजाय अन्य निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में केवल NCERT/SCERT की किताबें ही मान्य होंगी। यदि कोई स्कूल निर्धारित फीस से एक रुपया भी अधिक वसूलता है, तो इसके लिए स्कूल के प्रबंधक और प्रधानाचार्य को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।
स्कूली वाहनों की सुरक्षा से समझौता नहीं
बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल वाहनों के मानकों पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। अब सभी स्कूली वाहनों का वैध रजिस्ट्रेशन और फिटनेस सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। बिना फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रही स्कूली बसों और वैनों को जब्त कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना
प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल संचालकों पर आर्थिक दंड का भी कड़ा प्रावधान किया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर स्कूल पर 1 लाख रुपये तक का तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा। यदि इसके बाद भी सुधार नहीं होता और उल्लंघन जारी रहता है, तो स्कूल प्रबंधन को 10 हजार रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी भरनी होगी।
"बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुशीनगर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" — प्रशासन, कुशीनगर
इस आदेश के बाद से जिले के फर्जी स्कूल संचालकों और मनमानी करने वाले निजी स्कूलों में हड़कंप मच गया है। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता या शोषण दिखने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें।