विपक्ष का सूपड़ा साफ: बंगाल में खिला ‘कमल’, केरल में कांग्रेस की वापसी और तमिलनाडु में स्टालिन की करारी हार
पश्चिम बंगाल: ममता का 'अभेद्य किला' ढहा, नंदीग्राम के बाद भवानीपुर भी हारीं
नई दिल्ली: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति की पूरी दिशा बदल दी है। इस बार के नतीजों ने न केवल क्षेत्रीय क्षत्रपों के किलों को ध्वस्त किया है, बल्कि कई राज्यों में दशकों पुरानी राजनीतिक परंपराओं को भी उलट कर रख दिया है।
पश्चिम बंगाल: ममता का 'अभेद्य किला' ढहा, नंदीग्राम के बाद भवानीपुर भी हारीं
बंगाल में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भाजपा ने राज्य की राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन करते हुए 206 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी महज 81 सीटों पर सिमट गई है।
सबसे चौंकाने वाला परिणाम भवानीपुर सीट से आया, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 15,105 मतों से चुनाव हार गईं। उन्हें भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने शिकस्त दी। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप लगाते हुए कहा है कि "यह जनादेश लूटा गया है।"
केरल और तमिलनाडु: वामपंथ का सफाया, 'विजय' की धमाकेदार एंट्री
केरल: केरल में बड़ा बदलाव हुआ है। कांग्रेस नीत यूडीएफ (UDF) ने सत्ता में शानदार वापसी की है, जिससे देश के नक्शे से वामपंथी सरकार का पूरी तरह सफाया हो गया है। कांग्रेस गठबंधन को यहाँ 63 सीटें मिली हैं।
तमिलनाडु: यहाँ अभिनेता से नेता बने विजय (TVK) ने धमाकेदार एंट्री कर सबको चौंका दिया है। उनकी पार्टी ने 107 सीटें जीतकर एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक (DMK) का सूपड़ा साफ कर दिया। स्टालिन को कोलाथुर सीट पर टीवीके उम्मीदवार वीएस बाबू ने 8795 वोटों से हराया।
असम और पुडुचेरी: एनडीए का दबदबा बरकरार
असम: भाजपा ने अपनी पकड़ और मजबूत करते हुए 82 सीटों के साथ लगातार तीसरी बार जीत का परचम लहराया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे "देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए मिला जनादेश" बताया है।
पुडुचेरी: यहाँ भी मतदाताओं ने एनडीए पर भरोसा जताते हुए उसे दोबारा मौका दिया है।
प्रमुख प्रतिक्रियाएं
"केरल में प्रतिभा और क्षमता है, अब वहां यूडीएफ की सरकार है। पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा ने चुनाव आयोग की मदद से चोरी की है।"
— राहुल गांधी, नेता विपक्ष
"एनडीए को तीसरी बार सेवा का मौका देने के लिए असम की जनता का धन्यवाद। बंगाल की जीत देश की सुरक्षा के लिए अहम है।"
— हिमंत बिस्वा सरमा, मुख्यमंत्री, असम