दुदही की बेटी इंदु बारी ने पहले ही प्रयास में रचा इतिहास, UPSC में हासिल की 230वीं रैंक
दुदही के वार्ड नंबर 7, सुभाष चंद्र बोस नगर की रहने वाली इंदु बारी एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता राम इकबाल बारी एक शिक्षक हैं।
कुशीनगर l न्यूज लाइव 31
कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और संकल्प में सच्चाई हो, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के एक अत्यंत पिछड़े क्षेत्र, नगर पंचायत दुदही की बेटी इंदु बारी ने इस बात को सच कर दिखाया है। इंदु ने देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा परीक्षा (UPSC) में अपने पहले ही प्रयास में 230वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
साधारण परिवार, असाधारण उपलब्धि
दुदही के वार्ड नंबर 7, सुभाष चंद्र बोस नगर की रहने वाली इंदु बारी एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता राम इकबाल बारी एक शिक्षक हैं। इंदु अपने पांच भाई-बहनों (चार बहनें और एक भाई) में तीसरे स्थान पर हैं। उनकी इस सफलता ने साबित कर दिया है कि स्वाध्याय (Self-study) और निरंतर मेहनत के दम पर किसी भी ऊंचे लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
शिक्षा का सफर: दुदही से सफलता तक
इंदु की प्रारंभिक शिक्षा उनके पिता द्वारा संचालित विद्यालय 'स्व. सावित्री दीदी शिक्षा निकेतन' से शुरू हुई, जहाँ उन्होंने अपनी नींव मजबूत की। इसके बाद का सफर कुछ इस प्रकार रहा:
हाईस्कूल: साधु शरण शिक्षा निकेतन, जंगल लुअठहां से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण।
इंटरमीडिएट: ठाकुर हरिकेश प्रताप सिंह इंटर कॉलेज, दुदही से प्रथम श्रेणी में सफलता।
तकनीकी शिक्षा: स्कूली शिक्षा के बाद इंदु ने गोरखपुर से पॉलिटेक्निक की पढ़ाई पूरी की।
क्षेत्र में खुशी की लहर
इंदु की सफलता की खबर मिलते ही दुदही क्षेत्र में जश्न का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इंदु के घर पहुंचकर उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी। लोगों का कहना है कि इंदु की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं, विशेषकर लड़कियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनेगी।
"लगन, अनुशासन और कठिन परिश्रम के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इंदु की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है।" — स्थानीय निवासी