उत्तर प्रदेश: SPOT कमांडो ट्रेनिंग सेंटरों और हब के निर्माण में तेज़ी, कुशीनगर और गौतमबुद्धनगर में ज़मीन अधिग्रहण और कार्य प्रगति पर
कुशीनगर में SPOT यूनिट की स्थापना कुशीनगर में भी पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार दिया जा रहा है:
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पुलिस की सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने के लिए 'स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम' (SPOT) के ट्रेनिंग सेंटरों और कमांडो हब के निर्माण कार्यों में अब तेज़ी लाई जा रही है। हालिया आधिकारिक दस्तावेजों से इन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रूपरेखा स्पष्ट होती है।
गौतमबुद्धनगर: जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा कमांडो हब
गौतमबुद्धनगर में जेवर एयरपोर्ट के निकट प्रस्तावित कमांडो हब के निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
कार्यदायी संस्था: 11 फरवरी 2025 को राज्य शासन द्वारा 'लोक निर्माण विभाग' (PWD) को इसके निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक प्रक्रिया: हब की जरूरतों के अनुसार आगणन/डीपीआर (DPR) तैयार कर 18 मई 2026 को शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया था।
संशोधित डीपीआर: 4 और 5 जून 2026 को शासन और पुलिस मुख्यालय में हुई बैठकों के बाद, वित्तीय मितव्ययिता को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग को संशोधित डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
कमांडो ट्रेनिंग सेंटर (CTS) का विस्तार
ट्रेनिंग सेंटरों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है:
भूमि अधिग्रहण: कुल 27.0836 हेक्टेयर आवंटित भूमि में से, अब तक 20.77 हेक्टेयर भूमि पर कब्ज़ा प्राप्त कर लिया गया है। शेष 6.3136 हेक्टेयर भूमि के सीमांकन के लिए तहसील प्रशासन हरकत में आ गया है।
सीमांकन: तहसीलदार सरोजनीनगर द्वारा 2 जून 2026 को एक 6-सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसने 16 जून 2026 से सीमांकन का कार्य शुरू कर दिया है, ताकि एटीएस (ATS) को जल्द से जल्द पूरी भूमि का कब्ज़ा मिल सके।
कुशीनगर में SPOT यूनिट की स्थापना
कुशीनगर में भी पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार दिया जा रहा है:
भूमि हस्तांतरण: 15 जून 2023 को जारी निर्देशों के तहत, ग्राम केवल छपरा और ग्राम भटवलिया में कुल 9.5470 हेक्टेयर भूमि पुलिस के स्वामित्व में प्राप्त कर ली गई है।
निर्माण कार्य: इस केंद्र के निर्माण के लिए 'C&DS जल निगम' को कार्यदायी संस्था के रूप में नियुक्त किया गया है।
शासन की सख्त हिदायत
रिपोर्ट के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने की सटीक समयसीमा को लेकर स्पष्टता न होने पर नाराजगी जताई गई है। शासन ने निर्देशित किया है कि निर्माण कार्यों में हो रहे विलंब के कारणों की समीक्षा की जाए और व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। जब तक कार्य की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक इससे संबंधित प्रस्तावों को लंबित रखा गया है।
इन कमांडो ट्रेनिंग सेंटरों और हब का निर्माण पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की क्षमता और त्वरित कार्रवाई की शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।