कानपुर: आलू को सीमेंट के रंग से 'लाल' करने का भंडाफोड़, 50 कुंतल माल बरामद
क्षेत्र के दो कोल्ड स्टोरेज में छापेमारी के दौरान आलू को कृत्रिम रंगों से चमकाने और उसे लाल बनाने का काला कारोबार पकड़ा गया है।
बिल्हौर (कानपुर): उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित बिल्हौर तहसील में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। क्षेत्र के दो कोल्ड स्टोरेज में छापेमारी के दौरान आलू को कृत्रिम रंगों से चमकाने और उसे लाल बनाने का काला कारोबार पकड़ा गया है। विभाग की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
क्या था पूरा मामला?
गोपनीय सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बिल्हौर में दो अलग-अलग कोल्ड स्टोरेज पर अचानक छापा मारा। टीम को मौके पर जो मिला, उसे देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। यहाँ आलू को आकर्षक और ताज़ा दिखाने के लिए उसे खतरनाक रसायनों और सीमेंट में इस्तेमाल होने वाले रंगों में धोया जा रहा था। इस प्रक्रिया से साधारण आलू को लाल रंग दिया जा रहा था ताकि ग्राहकों को वह बेहतर किस्म का लगे।
5 हजार किलो आलू जब्त, सैंपल लैब भेजे गए
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से करीब 5 हजार किलो (50 कुंतल) रंग-रंगे आलू को जब्त कर लिया है। टीम ने कोल्ड स्टोरेज से आलू के नमूने भी लिए हैं, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला (Lab) भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई और इन कोल्ड स्टोरेज मालिकों के खिलाफ सख्त मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सेहत के लिए खतरनाक है यह 'रंग-बिरंगा' खेल
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमेंट में इस्तेमाल होने वाले रंगों का उपयोग खाद्य पदार्थों में करना बेहद जानलेवा हो सकता है। इससे लीवर, किडनी और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। बिल्हौर में हो रहे इस अवैध काम ने आम जनता की सेहत को सीधे खतरे में डाल दिया था।
'न्यूज लाइव 31' की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे बाजार से आलू या अन्य सब्जियां खरीदते समय सावधानी बरतें। यदि आलू अत्यधिक लाल या उस पर रंग की परत दिखाई दे, तो उसे न खरीदें। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि कोल्ड स्टोरेज और मंडियों में ऐसी संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।